छत्तीसगढ़
गांजा तस्कर को 7 साल की सजा, 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
Shantanu Roy
2 Sept 2026 12:20 AM IST

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Baloda Bazar-Bhatapara. बलौदाबाजार-भाटापारा। अवैध गांजा तस्करी के मामले में भाटापारा शहर पुलिस की विवेचना और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने ओडिशा के एक अंतरराज्यीय गांजा तस्कर को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में उसे एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 17.060 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन में बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ प्रकरणों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना और ठोस साक्ष्य जुटाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में विशेष न्यायाधीश (NDPS Act) बलौदाबाजार संगीता नवीन तिवारी के न्यायालय ने गांजा तस्करी के आरोपी शिबा रायता को दोषी पाया। न्यायालय ने 31 अगस्त 2026 को विशेष प्रकरण NDPS क्रमांक 16/2025 में फैसला सुनाते हुए आरोपी को धारा 20(b)(ii)(B) NDPS Act के तहत दोषी करार दिया।
ट्रेन से गांजा लेकर पहुंचा था आरोपी
पुलिस के मुताबिक मामला 8 जून 2025 का है। भाटापारा शहर थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक कुलमणी बारीक को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा से जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस के जरिए कुछ लोग गांजा लेकर भाटापारा पहुंचने वाले हैं। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई। NDPS Act के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए स्टेशन रोड स्थित मस्जिद और हनुमान मंदिर अंडरब्रिज के पास घेराबंदी की गई। पुलिस टीम को देखकर संदिग्धों ने वहां से निकलने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने पीछा कर मुख्य आरोपी शिबा रायता को ट्रॉली सूटकेस और बैग के साथ पकड़ लिया।
17.060 किलो गांजा हुआ था बरामद
पुलिस द्वारा आरोपी के सामान की तलाशी लेने पर भूरे रंग के सेलो टेप से लपेटा गया कुल 17.060 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई पूरी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक तलाशी, जब्ती, पंचनामा और गांजे की तौल सहित पूरी कार्रवाई गवाहों की मौजूदगी में की गई। गांजे का वजन इलेक्ट्रॉनिक तराजू के माध्यम से सत्यापित किया गया था।
तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए गए
मामले की विवेचना के दौरान भाटापारा शहर पुलिस ने आरोपी के पास से बरामद मोबाइल और उससे जुड़े नंबरों की तकनीकी जांच भी की। इसके माध्यम से गांजा तस्करी से संबंधित साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस टीम ने स्वतंत्र गवाहों के बयान दर्ज करने के साथ आवश्यक फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों को एकत्र किया। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक संतोष कुमार कन्नौजे ने अभियोजन पक्ष की ओर से तर्क प्रस्तुत किए। वहीं विवेचना अधिकारी सहायक उपनिरीक्षक कुलमणी बारीक द्वारा एकत्र किए गए साक्ष्यों को भी न्यायालय के समक्ष रखा गया।
दोषी को सात साल का सश्रम कारावास
न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी शिबा रायता पिता प्रताप रायता उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम भालीपंक, पंचायत चांदीपुट, थाना मोहना, जिला गजपति ओडिशा को गांजा तस्करी के मामले में दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोषी को सात वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं चुकाने पर उसे एक माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। बलौदाबाजार-भाटापारा पुलिस का कहना है कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई के साथ प्रकरणों की मजबूत विवेचना कर आरोपियों को न्यायालय से सजा दिलाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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